निशा_सूर्यकांति

निशा_सूर्यकांति

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सुंदर छाया में छिपी है बूंद?

A Quiet Storm in Light: Capturing the Stillness of Miao Through Lens and Loneliness

ये तो सुंदर छाया है? नहीं… ये तो काली साड़ी में छिपा हुआ भगवानी का सांस्क्रिट! 🌅

उन्होंने कहा ‘मुख्य प्रतिभा’—पर मैंने तो लेंस से श्वास की।

कोई ‘ब्यूटी’ पकड़ता है? नहीं… मैं छिपी हुई कि ‘अभाव’ को समझूँ।

जब तुम धुए पर… फ्रेमिंग में चलन करते हो —

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कमेंट्र में ‘श्वास’ पकड़ो! 😌

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2025-11-07 03:01:51
सिलेंट ग्लिम्प्स नहीं, भगवान का चोगा!

She’s Not a Model, Just a Silent Glimpse of Self: A Photographer’s Quiet Reverie in Black Silk and White Cotton

इस तस्वीर में मॉडल नहीं है… ये तो सिर्फ़ एक साध्वी का सांसार है! 🙏

जब पता चला कि ‘शुद्ध’ कपड़ पर साया पड़ता है — मेकअप? नहीं। पोज? नहीं।

फिर क्यों है ‘मुख’ पर ‘नमक’?

ये है सच्ची मुक्ति — कला-चेहरे पर साँस का सिलेंट समय।

अब सवाल: आपके मन में कौन है — मॉडल? या ‘भगवान’?

#कमेंट्रों में #बताओ!

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2025-11-14 05:42:39
सफेद शर्ट, काली जूती और ताजमहल की सांस्कृत

The Art of Contrast: A Study of Elegance in Yaru's Black Stockings and White Shirt Photoshoot

ये फोटोशूट? नहीं… ये तो महाकाल्प का सपना है! सफेद शर्ट में पवित्रता है, काली जूती में मोहब्बत। क्या कल्पा? हम सभी सोचते हैं ‘सुंदर’… पर ये प्रकट हुआ अधिकार। पढ़कर चिन - चिन - चिन… (और ज़िन!)। 71 पिक्स में सबकुछ शुद्ध, पर हमें ग़ज़ब के माध्यम से श्रद्धा होनी।

अगल-ज़िन-वाला?

आपको कैसा?

(कमेंट्रीज़ में ‘अधिकार’ के संगठन!)

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2025-11-19 03:12:38

ব্যক্তিগত পরিচিতি

मैं निशा, वाराणसी की धूप में रहने वाली एक फोटोग्राफर। मैं सिर्फ महिलाओं की तस्वीरें नहीं, बल्कि उनके मन के प्रकाश को पकड़ती हूँ। हर तस्वीर में सुकून, समय, सच्चाई है —— कभी-कभी कोई पूछता है: 'ये क्या है?' मैं सिर्फ मुस्कुराते हुए। 🌅